4+ बच्चों की रात की कहानियां (Bedtime kids story) Hindi Stories For Kids

बच्चों की रात की कहानियां (Bedtime kids story) 4 बच्चों की कहानी: पंचतंत्र से लेकर दुनिया की सबसे बेहतरीन कहानियां। (Stories for kids, cat, lion, fox stories, old Hindi stories for kids in Hindi)

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बच्चों की रात की कहानियां (Bedtime kids story)

4 बच्चों की कहानी (बच्चों की रात की कहानियां): कहानियां हमारे जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे सुनने से पढ़ने से हमारे और हमारे बच्चो की मानसिक क्षमता दुरुस्त रहती है। वैसे भी हमारे देश में पुराने जमाने से बच्चो को कथा कहानी सुनाने की प्रथा चली आ रही है। क्योंकि यह हमारे बच्चो के जीवन को सरल और उनको अच्छे संस्कार प्रदान करती है।

ख़ास कर हम अपने बचपन में दादा जी, दादी मां, नाना और नानी से कहानियां सुनते आ रहे है जो बहुत ही ज्यादा मनोरंजक और प्रेरणादायक होती थी। कभी कभी दादा जी मेरे मुझे पौराणिक कथाएं और कहानियां भी सुनते थे। जैसे राम सीता जी की कहानी, भगवान श्री कृष्ण लीलाओं कि कहानी, आल्हा ऊदल की कहानियां, गणेश जी की कहानी इत्यादि बहुत सी कहानियां है जिन्हें वे सुनाते थे और हम खाना पीना खा कर सोने से पहले वे कहानियां सुनने उनके पास पहुंच जाय करते थे।

ऐसी ही कुछ मजेदार कहानियों का संग्रह इस लेख के माध्यम से आपके साथ साझा कर रहा हूं। जो बहुत ही मजेदार और मनोरंजक होंगी। मैंने कहानियों को बच्चो के उम्र के हिसाब से बांट दिया है जिससे कहानी सरल और मजेदार लगे बच्चे कहानी सन् कर झूम उठे। तो चलिए शुरू करते है।

2 से 6 साल के बच्चो के लिए (Bedtime kids story) – बच्चों की रात की कहानियां

बच्चों की रात की कहानियां | बच्चों की कहानी | Hindi Stories For Kids | Bed Time Kids Stories

होशियार खरगोश – {बच्चों की कहानी}

बच्चों की रात की कहानियां : एक जंगल में एक शेर रहता था, वह बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली था। जिस कारण सभी उसे जंगल का राजा बुलाया करते थे। शेर इतना शक्तिशाली था कि वह हर रोज कई जानवरों का शिकार करके अपना भोजन करता था। शेर के शिकार के कारण जंगल के अन्य जंगली जानवर वह जीव जंतु धीरे-धीरे करके समाप्त हो रहे थे। जंगल के अन्य जानवर शेर से बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे और वे हमेशा शेर से अपनी जान बचाने के उपाय ढूंढा करते थे। 

एक दिन जंगल के सभी जानवर मिलकर एक योजना बनाते हैं और एक समूह में शेर की गुफा की तरफ जाते हैं। गुफा के पास पहुंच कर वे सभी राजा शेर को गुहार लगाते हैं। शेर गुफा के बाहर आता है तो वह सभी को वहा देख चौंक जाता है और पूछता है कि तुम सभी यह क्यों आए हो? उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपनी समस्या बताते हुए एक उपाय बताया कि वे लोग हर रोज एक जानवर उसके पास भोजन के लिए भेजेंगे जिससे उसे शिकार के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। शेर को उनका सुझाव अच्छा लगा और वह मान जाता है।

योजना के अनुसार अब हर रोज कोई एक जानवर शेर की गुफा में जाने लगा जिसे मर कर शेर बड़े चाव से खाता था।एक दिन उन्ही जानवरो में से खरगोश को सभी ने भेजा। खरगोश बहुत ज्यादा डरा हुआ था और शेर से बचने का उपाय सोच रहा था। इधर बहुत देर हो जाने से शेर बहुत ज्यादा गुस्सा कर रहा था। 

खरगोश को अपनी जान बचाने का उपाय मिल गया और जब वो गुफा के पास गया तो शेर गुस्से में उसे देख कर बोला कि इतनी देर कर डी आने में और आए हो तो सिर्फ तुम! तुम्हे खा कर मेरी भूख कैसे मिटेगी?

इस पर खरगोश बढ़ी होशियारी से बोला, नहीं नहीं आपके लिए तो हम कुल छह खरगोश आए थे लेकिन रास्ते में एक शेर मिल गया जो खुद को जंगल का राजा बताने लगा और मेरे सभी 5 साथियों को खा गया मैं बड़ी मुश्किल से अपनी जन बचाते हुए आपके पास आया जिससे आपको दूसरे शेर के बारे में बता सकूं! 

इस पर शेर गुस्से में बोला कौन है को जो खुद को जंगल का राजा बोल रहा उझे उसके पास ले चलो। खरगोश शेर को एक कुएं के पास लेकर जाता है और बताता है कि दूसरा शेर इस कुएं के अंदर है। जब शेर कुएं में झांकता है तो उसको एक दूसरा शेर दिखाई पड़ता है जो कि उसका प्रतिबिंब था लेकिन शेर बहुत ही ज्यादा भड़का हुआ था और वो कुएं में दहाड़ माता है जिससे उसका प्रतिबिंब भी दहाड़ माता हुआ दिखाई देता है।

शेर को लगता है कि कुएं वाला शेर उससे लड़ने के लिए दहाड़ कर आमंत्रण से रहा ऐसा सोच कर शेर कुएं में छलांग लगा देता है। इस प्रकार शेर कुएं के पानी में डूब कर मर जाता है और खरगोश अपनी होशियारी से खुद की और अन्य जानवरों की जान बचा लेता है।

कहानी से सीख: हर समस्या का समाधान होता है बस हमे जरूरत होती है समस्याओं के बदले उसके समाधान पर ध्यान देने की।
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लोमड़ी का फैसला – {बच्चों की कहानी}

बच्चों की रात की कहानियां: एक बार की बात है एक पीपल के पेड़ के नीचे एक चिड़िया अपना घोंसला बना कर रहती थी। एक दिन जब वो अपने खाने की तलाश में निकली तो वह बहुत दूर चली गई जहा उसे एक मक्के का खेत दिखाई देता है और वह चिड़िया चूंकि बहुत दूर आ गई थी तो उसने वहीं रह कर मक्के के खेत में दाने चुग्ने और खाने का विचार करती है। 

ऐसे करके कुछ महीने बीते ही थे कि एक दिन किसान आता है और सारी फसल काट ले जाता है। अब चिड़िया के पास खाने के लिए कुछ नहीं था अतः वो वापस अपने पीपल के पेड़ के पास पहुंची तो उसने देखा कि वहां उसके घोसले में एक खरगोश आ कर रह रहा है। जब वह उसे वहा से जाने को कहती है तो वह मना कर देता है। जिसके बाद उस जगह पर रहने को लेकर उन दोनों में बहुत बहस होती है।

चिड़िया के रही थी कि वह बहुत सालों से वहा रहती थी। भोजन के लिए उसे कुछ दिन के लिए बाहर जाना पड़ा था। अब जोकि वह वापस आईं है तो उसके घर पर खरगोश ने कब्जा के लिया है। इधर खरगोश बोलता है कि चिड़िया को अपना घर छोड़ कर नहीं जाना चाहिए था और जब चिड़िया इतने दिन वापस नहीं आती है तो खरगोश उसे अपना घर बना कर रह रहा है इस लिए वह कहीं नहीं जाएगा।

दोनों में बहुत ज्यादा बहस होने लगी जिसके बाद वह कई अन्य जानवर इकट्ठा हो जाते है और उन्हें समझते है लेकिन दोनों किसी कि बात नहीं मानते।  ऐसे ही लड़ते झगड़ते वे एक तालाब के किनारे गए जहा एक लोमड़ी बैठी थी। लोमड़ी दोनों को अपनी ओर आते देख आंखे बाद कर लेती है जिससे उन्हें लगे की वह ध्यान कर रही है। 

जब चिड़िया और खरगोश दोनों की नजर लोमड़ी पर गई और उन्होंने देखा कि लोमड़ी ध्यान कर रही है तो वे उसे सच्चा मान कर उससे ही अपने विवाद का फैसला करने का विचार बनाते है। दोनों लोमड़ी के पास जाते है और बारी बारी अपनी परेशानी सुनते है। लोमड़ी आंख खोली है और उन्हें पास आकर दुबारा से कहने को बोलती है। 

जब चिड़िया और खरगोश लोमड़ी के नजदीक गए तो उसने बिना देरी किए दोनों को एक झटके में मार डाला और खा गई।

कहानी से सीख: कितनी भी बड़ी समस्या आ जाए लेकिन कभी भी किसी अनजान पर भरोसा नहीं करना चाहिए, भले ही वह आपसे कितना भी मिलनसार क्यों न हो।
{बच्चों की कहानी- बच्चों की रात की कहानियां}


5 से 10 साल के बच्चों के लिये (Bedtime kids story)– बच्चों की रात की कहानियां

बच्चों की कहानी | Hindi Stories For Kids | Bed Time Kids Stories

तीन मछलियों की कहानी – {बच्चों की कहानी}

बच्चों की रात की कहानियां: किसी गांव में एक बहुत बड़ा तालाब हुआ करता था। उस तालाब में कई ढेर सारी मछलियां रहती थी। उन्हीं मछलियों में तीन मछलियां ऐसी थी जो एक दूसरे से बहुत गहरी दोस्ती थी। पहली मछली बहुत ज्यादा समझदार थी और बुद्धिमान थी। दूसरी मछली अपना हर एक काम कल पर छोड़ दी थी और आज को बड़े मजे से इंजॉय करते थी। तीसरी मछली हमेशा भाग्य पर ध्यान देती थी उसे ऐसा लगता था जो होना है वह होकर ही रहेगा व्यर्थ में हाथ फटने से कोई मतलब नहीं है।

तीनों मछली दोस्त बहुत मजे से एक साथ मिलजुल कर रहती थी। 1 दिन की बात है जब पहली मछली तालाब के किनारे छोटी मछलियों को खाने के लिए इधर-उधर चल रही थी तभी उसने एक मछुआरे से किसी अन्य मछुआरे को यह कहते हुए सुना की इस गांव का यह तालाब बहुत ही ज्यादा अच्छा है। क्योंकि यहां की मछली बहुत ही स्वादिष्ट होती हैं और कई प्रकार की मछलियां यहां पर पाई जाती हैं ऐसा कहते हुए उसने दूसरे दिन अपने साथी के साथ तालाब में मछली पकड़ने के लिए आने की बात कही।

पहली मछली जब मछुआरे की यह बात सुनती है तो वह बहुत ज्यादा घबरा जाती है और तुरंत अपने दोस्तों के पास जाकर उन्हें मछुआरे की बात बताती है। उसका दूसरा मछली दोस्त जोकि बहुत ज्यादा मौज मस्ती वाला और हर एक काम को कल पटाने वाला था उसने कहा आज तो मछुआरे आने वाले नहीं हैं हम कल यह तालाब छोड़कर किसी दूसरे तलाब में नहर के सहारे चले जाएंगे।

इस पर तीसरे मछली ने कहा जो भाग्य पर हमेशा विश्वास रखता था उसने कहा युवक कई सालों से इस तालाब में रह रहा है कई मछुआरे आते हैं और जाते हैं आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ और यदि ऐसा होता भी है तो जो नसीब में होगा देखा जाएगा। 

पहली मछली दोनों के बाद सुनकर बहुत ज्यादा घबरा जाती हैं और वह विचार करती हैं कि यदि वह इन दोनों के बातों में आकर इस तालाब में रुके तो कल मछुआरे आकर अन्य मछलियों के साथ उसे भी पकड़ कर ले कर जाएंगे। अतः उसने अकेले ही दूसरी तालाब में जाने के लिए नहर का रास्ता पकड़ा।

दूसरा दिन आया और मछुआरे मछुआरे तलाब से इन सभी मछलियों को पकड़कर लेकर अपने साथ बाजार में बेचने के लिए चले जाते हैं। इस पर दूसरी और तीसरी मछली अपने पहली मछली की बात ना मानकर बहुत पछताते हैं और अपने किए पर खुद को कोसती हैं क्योंकि यदि वे अपने पहले दोस्त की बात मानते और बुद्धिमानी के साथ दूसरे तालाब में चले जाते तो आज उनकी जान बच जाती।

कहानी से सीख: हमें कभी भी कोई भी काम कल पर नहीं छोड़ना चाहिए और ना ही भाग्य के ऊपर भरोसा करके बैठे रहना चाहिए। हमारे सामने जो भी समस्याएं आएं उसका हमें डट के बुद्धिमानी के साथ सामना करना चाहिए।
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गधे का गाना – {बच्चों की कहानी}

बच्चों की रात की कहानियां: किसी गांव में एक गधा अपने मालिक धोबी के साथ रहता था। उसका मालिक धोबी दिनभर गधे से खूब काम करवाता और रात को उसे खुला छोड़ देता जिससे वह मनभर और पेट भर के घास चरता था। गधा घास खाने के लिए रात के समय अपने मालिक के घर के आस-पास के खेतों में ही जाया करता था। लेकिन एक दिन उसकी मुलाकात एक लोमड़ी से हुई। लोमड़ी भी खाने की तलाश में इधर-उधर घूमते घूमते गधे के पास आ पहुंचा था। गधे और लोमड़ी दोनों की बातें हुई और इस प्रकार दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त बन गए। 

गधा लोमड़ी के साथ पूरी रात घास चरता था और भोर होते ही अपने धोबी मालिक के पास वापस आ जाता था। एक दिन रात को लोमड़ी ने गधे से कहा “गधा मामा यहां पास के ही खेत में ढेर सारे फल लगे हैं यदि आप वहां पर जाकर वह सारे फलों का आनंद लेते हैं तो वह किसी नाइट डिनर से कम नहीं होगा”। 

गधा लोमड़ी की बातें मान लेता है और कहता है ठीक है भांजे चलो हम दोनों चलते हैं आज उसी खेत में। गधा लोमड़ी दोनों उस खेत में जाते हैं गधा खूब खाता है रसीले फल फूल खाकर गधा एकदम फुल जाता है और लोमड़ी से कहता है भांजे आज की रात इतनी सुहावनी है पूर्णिमा की रात है ऐसे में मुझे गाना गाने का मन कर रहा है। 

लोमड़ी गधे की बात सुनकर उसे गाना गाने से मना करता है और कहता है मामा यदि आप इतनी रात को इस खेत में गाना गाएंगे तो खेत का मालिक किसान यहां आ जाएगा और हमें पकड़ लेगा। लेकिन गधा तो अपनी अहंकार में डूबा था और उसे गाना गाने का धुन सवार था। गधा लोमड़ी से बोलता है अरे तू क्या जाने का तू जंगली जानवर के गाना क्या होता है संगीत क्या होता है। 

लोमड़ी गधे की इस बात को सुनकर वह समझ जाता है कि गधा बिना गाना गाए नहीं रहेगा तो उसने गधे से कहा मामा कोई बात नहीं आप गाना गाओ लेकिन मैं थोड़ी दूर जाकर उस झाड़ी में छुपकर किसानों के आने की खबर आपको दूंगा और गधा इस प्रकार मान जाता है।

जब गधा गाना गाना शुरू करता है तो उसकी आवाज सुनकर सभी किसानों की नींद खुल जाती है और वह अपनी लाठी लेकर गधे के पास आ पहुंचते और उसकी खूब मरम्मत करते हैं। अब गधा गाना गाना भूल गया और गिरते पड़ते खेत से बाहर आने लगा।  

लोमड़ी ने उसका मजाक उड़ाते हुए बोला, क्या हुआ मामा मैंने आपसे पहले ही बोला था कि इतनी रात को गाना मत गाओ वरना किसान आ जाएंगे और यह क्या वह आए ही नहीं, वह तो आपको खूब सारा पुरस्कार भी देकर गए। ऐसा कह कर वह खूब हंसने लगा।

कहानी से सीख: अभी जो कुछ भी करते हैं उसका एक सही समय और एक उचित स्थान होता है और यदि इसके विपरीत यदि कोई कार्य किया जाता है तो उसका परिणाम बहुत बुरा होता है।
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10 से 15 साल के बच्चों के लिये (Bedtime kids story) – बच्चों की रात की कहानियां

लालची कुत्ता – {बच्चों की कहानी}

बच्चों की रात की कहानियां: किसी गांव में एक कुत्ता रहा करता था और वह हर रोज किसी न किसी के घर से रोटी लेकर खाया करता था। 1 दिन कुत्ते को कहीं से एक मांस का टुकड़ा मिलता है और वह बहुत खुश हो जाता है। कुत्ता मांस के टुकड़े को खाने के लिए एक एकांत जगह खोजना शुरू करता है और जब वह मांस का टुकड़ा खाने के लिए जगह ढूंढ रहा था उसे एक तालाब दिखाई देता है। वह सोचता है कि वह उस तालाब के पास जाकर बड़े आराम से मांस के टुकड़े को खाएगा।

कुत्ता चला कि उस पार जाने के लिए एक पुल के सहारे तालाब पार करने लगते हैं तभी उसकी नजर तालाब में पढ़ती है जहां उसके जैसा ही एक और कुत्ता एक मांस का टुकड़ा लिए पानी में चले जा रहा था। वह कुत्ता तालाब में किसी दूसरे कुत्ते को देख रुक जाता है। अब कुत्ते के दिमाग में एक और बात आती हैं कि यदि वह इस पानी वाले कुत्ते से उसका मांस का टुकड़ा छीन ले तो उसके पास दो मांस के टुकड़े हो जाएंगे और इस प्रकार वह और भी ज्यादा आराम से पेट भर कर खाएगा। 

ऐसा सोचते हुए उसने तलाब में दिख रहे उस कुत्ते की तरफ भौंकने लगा जैसे ही वह भोकना शुरू किया उसके मुंह से वह मांस का टुकड़ा पानी में गिर गया और पानी धुंधला हो गया। कुत्ते को समझते देर न लगी कि पानी में कोई और कुत्ता नहीं बल्कि उसकी ही परेशानी थी जो अब उसकी बेवकूफी के कारण उसे मिला हुआ मांस का टुकड़ा बी पानी में बह गया।

कहानी से सीख: हमारे पास जितना हो उसी में संतोष करना चाहिए क्योंकि लालच कभी अच्छा नहीं करता।
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व्यापारी के चौकीदार – {बच्चों की कहानी}

बच्चों की रात की कहानियां: एक बहुत ही बड़ा और धनवान व्यापारी था उसके पास आम का बहुत बड़ा बगीचा था और उस बगीचे की देखभाल के लिए वह एक चौकीदार को हमेशा वहां तैनात करके रखा था। लेकिन कोई भी चौकीदार इमानदार ना होने के कारण वह समय-समय पर उन्हें बदल दिया करता था। 

एक दिन उसने चौकीदारों को बदलने के अलावा एक दूसरा रास्ता ढूंढा। व्यापारी ने इस बार दो चौकीदारों को बगीचे की रखवाली करने के लिए रखा जिसमें से एक चौकीदार अंधा था और दूसरा चौकीदार लंगड़ा। व्यापारी को भरोसा था कि अंधे को तो कुछ दिखेगा नहीं और लंगड़ा चौकीदार चाह कर भी आम की चोरी कर नहीं पाएगा और इस प्रकार वे दोनों एक साथ मिलकर बगीचे की खूब देखभाल करते हैं। 

व्यापारी दोनों चौकीदारों से बहुत खुश था क्योंकि अब उसकी चतुराई के कारण आम के बगीचे की रखवाली बहुत अच्छे ढंग से हो रही थी। लेकिन एक दिन दोनों के मुंह में पानी आ गया और उन्होंने आम खाने की योजना बनाई। 

लंगड़ा चौकीदार, अंधे चौकीदार को अपनी सारी योजनाएं बताता है और उसे आम खाने के लिए प्रेरित करता है। अंधा चौकीदार लंगड़े चौकीदार की बात मान जाता है क्योंकि उसे भी कई दिनों से आम खाने का मन कर रहा था अंधा होने के कारण वह आम नहीं खा पाता।

अंधा चौकीदार को लगड़ा चौकीदार बोलता है कि तुम मुझे अपने कंधे पर उठा लो और मैं तुम्हें रास्ता दिखाऊंगा और फिर हम दोनों मिलकर आम तोड़ लेंगे और फिर खूब मजे से खाएंगे। अंधा चौकीदार भी ऐसा ही करता है और वह लंगड़े चौकीदार को अपने कंधे पर बिठा लेता है और उसके कहे अनुसार दोनों मिलकर खूब ढेर सारा सारा आम तोड़ लेते हैं और पूरी रात बैठकर खूब मजे से खाते हैं और दूसरे दिन के लिए भी बचा लेते हैं।

कहानी से सीख: बच्चे इस कहानी से हमने सीखा की आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।
{बच्चों की कहानी- बच्चों की रात की कहानियां}

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