मोर मोरनी की कहानी [Mor Morni ki kahani] बच्चो के लिए 2023

मोर मोरनी की कहानी (Peacock stories in Hindi for kids) बच्चो को बहुत पसंद होती है साथ ही मोर मोरनी की कहानी सुनने से घर परिवार में सुख शांति सदैव बनी रहती हैं अतः आज का यह लेख मोर मोरनी की कहानी से ही संबंधित है जो बहुत ही ज्यादा ज्ञानवर्धक है। तो चलिए बिना किसी देरी के मोर मोरनी की ज्ञानवर्धक और मजेदार कहानी की शुरुआत करते है।

आज की जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूं वह बहुत ही ज्यादा मजेदार ज्ञानवर्धक और छोटे-छोटे बच्चों से संबंधित है साथ ही यह आपके घर परिवार में सुख शांति कि वह बनाए रखने और घर से कलर को दूर करने में भी सहायक होगा अतः आपसे निवेदन है कि इस कहानी को पूरा पढ़ें और अपना अनुभव कमेंट के माध्यम से शेयर करें।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ऐसा कोई घर नहीं है जिनके यहां लड़ाई झगड़े क्लेश ना होता हो लेकिन आज के बाद आपको इन सभी समस्याओं से निजात मिल जाएगी यदि आप हमारी कहानी का यह लेख मोर मोरनी की कहानी को पढ़ते है और परिवार के अन्य सदस्यों को भी सुनाते हैं तो यकीन मानिए यह आपके घर में क्लेश दूर करके सुख समृद्धि खुशहाली लाएगा जिससे साक्षात माता लक्ष्मी का आगमन रहेगा।

साथियों जिस घर में हर रोज लड़ाई झगड़े होते हैं एक दूसरे से मारपीट होती है परिवार में आपस के सदस्यों में मेलजोल नहीं रहता है हमेशा सभी दुखी रहते हैं एक दूसरे से ऐसे घर में लक्ष्मी कभी नहीं रहती इसका एक ही उपाय है कि हमें मोर मोरनी की कहानी पढ़ने सुनने और सुनाने चाहिए।

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जिस घर में हमेशा सुख शांति बनी रहती है उसके घर में सुख समृद्धि का भी आगमन अर्थात साक्षात महालक्ष्मी का निवास सदा बना रहता है और आज की यह कहानी Mor Morni Ki Kahani (मोर मोरनी की कहानी)

सुनने के बाद या पढ़ने के बाद आप स्वयं समझ जाएंगे कि हमें घर में लड़ाई झगड़े क्यों नहीं करना चाहिए और जिसके घर में हर रोज लड़ाई झगड़े होते हैं अशांति का माहौल बना रहता है वह उन सभी विकारों कैसे रोक सकते हैं क्योंकि घर में सुख शांति कौन है बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है तभी महालक्ष्मी उस घर को अपना निवास स्थान बनाती हैं।

साथियों एक बार मैं फिर से कहना चाहूंगा कि यदि आप इस कहानी को अकेले पड़ रहे हैं इसका कोई लाभ आपको मिलने वाला नहीं है क्योंकि मोर मोरनी की कहानी आपको अपने परिवार के साथ पढ़ना या सुनना चाहिए तभी आपको इसका लाभ मिलेगा और क्योंकि यह ज्ञानवर्धक कहानी भी है रेहान के बच्चों के लिए बहुत ही मजेदार और फायदेमंद होगा तो चलिए मोर मोरनी की कहानी की शुरुआत करते हैं।

मोर मोरनी की कहानी

एक जंगल में एक जंगल में एक मोर और एक मोरनी एक साथ रहा करते थे। मोर मोरनी बहुत ही ज्यादा खुशी से अपना जीवन जंगल में व्यतीत कर रहे थे। एक दिन मोरनी के मन में एक विचार उत्पन्न होता है और वह मोड़ से कहती है प्यारे साजन मुझे लगता है हमें यहां से चलना चाहिए। मोरनी के ऐसे अचानक से चलने की बात सुनकर मोर चौक जाता है पूछता है क्या हुआ आज तुम जंगल छोड़कर कहीं और चलने की बात क्यों करती हो। 

इस पर मोरनी कहती है तब मेरा मन इस जंगल में नहीं लगता है मुझे अपने समाज के लोगों के साथ रहना है और उनके ही साथ आगे का जीवन व्यतीत करना है मोर मोरनी की कहानी अतः तुम मुझे हमारे उस परिवार व समाज में वापस ले चलो। इस पर मोर मोरनी को समझाते हुए कहता है जहां हमारे समाज के लोग रहते हैं यदि हम वहां जाएंगे तो उनके साथ रोज लड़ाई झगड़े होंगे हम सुखी से नहीं रह पाएंगे।

लेकिन मोरनी जिद करने लगती है जिससे मोर मान जाता है और वह दोनों उड़कर जंगल के पास की एक नगर में जाते हैं जिस नगर का नाम था कुशीनगर वहां का राजा पशु पक्षियों की भाषा को बड़ी आसानी से समझता था ऐसा इसलिए क्योंकि राजा ने करा शास्त्र का गहन अध्यन किया था।

दोस्तों करा शास्त्र का मतलब यही होता है कि इसमें हमें पशु पक्षियों की भाषा को बोलने समझने से संबंधित ज्ञान प्रदान की जाता है और वह राजा सभी प्रकार के जंगली जानवरों पशु पक्षियों की आवाजों को बहुत ही आसानी से समझता था जानता था की वे आपस में क्या बातें करते हैं।

Peacock stories in Hindi for kids

दोनों मोर मोरनी कुशीनगर में आते हैं और वहां रहने लगते हैं 1 दिन की बात है राजा अपनी रानी से कहता है कि हैरानी मुझे बहुत जोर से भूख लगी है कृपया करके मुझे भोजन करा दीजिए राजा की रानी 56 प्रकार के भोज बनाती है और अपने हाथों से पानी का लोटा और दूसरे हाथ में खाने की थाली लेकर आ जा के पास पहुंचती है।

रानी जैसे ही राजा को भोजन की थाली परोस ने जाती है तभी चावल का एक टुकड़ा नीचे गिर जाता है वहीं पर नीचे कुछ चुटिया घूम रही थी एक चींटी चावल के टुकड़े को उठाकर वहां से लेकर जाने लगती है और राजा बैठकर इस घटना को देख रहा था और चींटी के पास में तुरंत ही एक बड़ा चीता आता है और वह चिंता चिट्ठी से कहता है की चावल का एक टुकड़ा मुझे दे दो और पूजा की थाली से दूसरा चावल का टुकड़ा स्वयं लेकर आओ।

 चींटी चींटी की बातों को राजा पूरी तरह से सुन रहा था क्योंकि राजा जानवर पशु पक्षियों की बोली भाषा को जानता था समझता था राजा वहीं बैठ कर सब कुछ सुन रहा था कि चिता चींटी क्या बातें कर रहे हैं चींटी चींटी से कहती है कि नहीं मैं नहीं जाऊंगी। क्योंकि यदि राजा को यह बात ज्ञात हुई तो वह मुझे मृत्युदंड देगा। चींटी की ऐसी बात सुनकर चिटा चींटी से कहता है कि ऐसा कुछ नहीं होगा तुम जाओ और चावल की एक टुकड़ी लेकर आओ। चींटी ना चाहते हुए भी राजा की थाली की तरफ बढ़ती है चावल का टुकड़ा लेने के लिए लेकिन वह आधे रास्ते से ही वापस आ जाती|

मोर मोरनी की कहानी

मोरनी का जन्म कैसे होता है?

मोर  ”cloacal kiss” के जरिये प्रजनन करते हैं. जिस समय इनका मिलाप होता है. नर मोर मादा मोर की पीठ पर सवार होता है और दोनों प्रबलता के साथ अपने ‘cloacal’, एक छिद्र जिसके जरिये वे weast उत्सर्जन करते हैं उसे खोलते हैं. इसी छिद्र के जरिये नर पक्षी अपना वीर्य मादा मोर के शरीर में प्रत्यारोपित करता है.

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