Chandra Grahan 2023: लग रहा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानिए इससे जुड़े सरे रहस्य

Chandra Grahan 2023: चंद्र ग्रहण कैसे लगता है तथा 2023 में चंद्र ग्रहण कब है और इसे देखने में क्या दोष लगता है, इन सब से जुड़ी जानकारी आज हम आपको देंगे। आप सभी को पता ही होगा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण लगने का (chandra grahan kaise lagta hai) कुछ अलग ही मतलब होता है। लेकिन हमारे सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण को एक अनोखा रूप से दर्शाया गया है। तथा इसके पीछे के कारन भी बताया गया है।

chandra grahan kaise lagta hai: चंद्र ग्रहण क्यों नहीं देखना चाहिए और इसके देखने से क्या होता है, इन सब से जुड़ी जानकारी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी हम आपको देंगे। इसलिए आपसे अनुरोध है की कृपया इस पुरे आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समझे।

चंद्र ग्रहण क्यों लगता है? – chandra grahan kaise lagta hai

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण – chandra grahan 2023

Chandra Grahan 2023
Chandra Grahan 2023

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chandra grahan kaise lagta hai: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण का मतलब होता है कि पूर्णिमा के दिन जब सूरज और चंद्रमा के बीच में जब पृथ्वी आ जाती है। तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है इससे चंद्रमा के छाया वाला भाग या कहे साइड अंधकार में हो जाता है। और इस स्थिति में जब हम चंद्रमा को पृथ्वी से देखते हैं तब हमें चंद्रमा का अंधकार वाला भाग ही दिखाई पड़ता है। और इसी को हम चंद्र ग्रहण कहते हैं।

धार्मिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण की कहानी – chandra grahan kaise lagta hai

chandra grahan 2023: धार्मिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण का कहानी अलग कहानी है लेकिन सही से समझे तो वैज्ञानिक भी वही कहतें हैं। शास्त्रों कि माने तो जब देवता और राक्षश, दोनों में समुद्र मंथन से निकले अमृत को लेकर बहस और लड़ाई हो रही थी तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर सभी को बराबर रूप से अमृत पिलाने की बात कही।

और देवता और दानव को अलग-अलग लाइन में लगने को कहा। तब दानव राहु और केतु ने भेष बदलकर अमृत पान करने के लिए देवताओं के लाइन में जा खड़े हुए। और अमृत पान कर ली। यह सब हमारे चंद्र देव देख रहे थे। उन्होंने श्री हरि विष्णु से कहा कि यह दानव है। और भगवान विष्णु ने तुरंत अपने सुदर्शन चक्र से राहु और केतु का गला काट दिया।

गला काटने से राहु केतु दो भाग में बट गए और पीड़ा से ग्रसित हो गए। लेकिन अमृत-पान करने के चलते उन्हें मृत्यु नहीं हुई। और तभी से उन दोनों ने चंद्र देव को बोल दिया कि आपके जीवन में हम ग्रहण की तरह छाए रहेंगे। और तभी से चंद्र ग्रहण लगना शुरू हुआ। यह बहुत सतयुग का है।

chandra grahan kaise lagta hai: चंद्र ग्रहण के टाइम पर पूरे हिंदू धर्म के और सनातनी भाई एवं बहनों माता एवं पिता सभी लोग अपने-अपने इष्ट देव की आराधना करते हुए भगवान को ग्रहण से मुक्ति के लिए प्रार्थना और विनती करते हैं। और ऐसा तब तक चलता है जब तक भगवान को मुक्ति नहीं मिल जाता है।

चंद्र ग्रहण के दौरान खाना क्यों नहीं खाना चाहिए? – Chandra Grahan 2023

Chandra GRahan 2023: चंद्र ग्रहण के दौरान खाना क्यों नहीं खाना चाहिए? चंद्र ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना चाहिए तथा पहले का बना हुआ खाना बाद में भी नहीं खाया जाता है। इसका बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिको की माने तो जब चंद्र ग्रहण लगता है तो उसके प्रभाव से जो रेडिएशन निकलता है वह बहुत ही खतरनाक जीवाणु की तरह होता है। इसलिए चंद्र ग्रहण के टाइम खाना नहीं खाना चाहिए।

और धार्मिक दृष्टि-कोन से भी एक मानता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान खाना खाने से या खाना बनाने से खाना विषैला हो जाता है इसी चलते चंद्र ग्रहण के दौरान ना तो खाना बनाए और ना ही खाना खाएं। चंद्र ग्रहण के दौरान खाना खाने या बनाने से खाने वाले आदमी के जीवन में फीस जैसा प्रभाव पड़ता है। जिससे आदमी बीमार पड़ जाता है और बनाने वाला भी उस समय रोग से ग्रसित हो जाता है क्योंकि उसने जो खाना बनाया वो विषैला हो चूका था और उसका गंध उसने ले लिया था।

चंद्र ग्रहण दोष क्या है? Chandra Grahan 2023

Chandra Grahan 2023: चंद्र ग्रहण दोष क्या है? चंद्र ग्रहण दोष के बारे में आमतौर पर आप लोग को पता होगा या किसी पंडित से सुना ही होगा की चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण का संबंध सीधे कुंडली से होता है। और इससे कुंडली का बाल कमजोर हो जाता है। अगर आपके कुंडली कुंडली में या जब आपकी कुंडली में राहु और चंद्रमा के साथ में राहु केतु का युक्ति हो जाता है तो तो इसके प्रभाव से चंद्र ग्रहण दोष लगता है।

मैं अपनी बात करूँ तो मुझे भी बचपन से चंद्र ग्रहण दोष था। जिसके काट के लिए मुझे कुछ समय ता चांदी का चंद्रमाँ पहनने के लिए किन्ही ब्राह्मण ने कहा था। और मैंने ऐसा ही किया था जिसके बाद यह दोष दूर हुआ।

भूल कर भी ना देखे गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण या कोई भी ग्रहण – chandra grahan kab hai

Chandra Grahan 2023: भूल कर भी गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण या कोई भी ग्रहण नहीं देखना चाहिए। इसका प्रभाव सीधे उनके पेट में पल रहे बालक पर पड़ता है। कहा जाता है कि रात में होने वाली चंद्र ग्रहण को गर्भवती महिलाओं को तो और भी नहीं देखना चाहिए। इसका बहुत ही बुरा प्रभाव उसके पेट में पल रहे शिशु पर पड़ता है।

और गर्भवती महिला चंद्रग्रहण के दौरान ना ही कुछ खा सकती है और ना ही वह सो सकती है। अगर ऐसा नहीं करती है तो उसके पेट में पल रहे पुत्र या पुत्री पर बुरा प्रभाव पड़ता है। और उसके जीवन में ग्रहण लग जाती है।

चंद्र ग्रहण के बाद स्नान करना क्यों है जरूरी – chandra grahan kab hai

chandra grahan kab hai: चंद्र ग्रहण के बाद या पहले दोनों टाइम में स्नान करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इससे आपके शरीर को, मन को और आत्मा को शुद्ध करता है। और आपके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है। चंद्र ग्रहण के पहले स्नान करने का यह मतलब है कि आप पूरे चंद्र ग्रहण के टाइम अपने इष्ट देव की ध्यान पूर्वक प्रार्थना करें। और ग्रहण मुक्त होने की विनती करें और चंद्र ग्रहण के बाद स्नान करने का मुख्य विशेषता यह है कि आपके जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाए।

और वैज्ञानिकों की माने तो जब चंद्रग्रहण या सूर्य ग्रहण होता है तब आपके शरीर पर उसका रेडिएशन पड़ता है। जोकि बहुटी सारे बीमारी को उत्पन कर सकता है। इसीलिए आपको चंद्र ग्रहण के बाद स्नान जरूर करना चाहिये।

2023 में चंद्र ग्रहण कब है? chandra grahan kab hai

chandra grahan kab hai: 2023 में चंद्र ग्रहण कब है? आप सभी को पता ही होगा कि हर साल चंद्र ग्रहण करीब-करीब लग ही जाता है। लेकिन साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण 29 अक्टूबर 2023 को लगने वाला ह। और यह चंद्र ग्रहण दोपहर के 1:06 से शुरू होगा और 2:22 पर समाप्त होगा। यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और यह हमारे भारत में भी दिखाई देगा। तो यह है चंद्र ग्रहण से जुड़े सारे रहस्य।


kikahani

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