Rakshabandhan 2023: भाई-बहन का एक अटूट प्रेम पर्व

Rakshabandhan: रक्षा बंधन नाम से ही पता चल रहा है ककी रक्षा का बंधन में बंधन जाना या बांधना। एक बहन जब अपने भाई को राखी या रक्षा सूत बांधती है तब वो उससे यही मांगती है की किसी भी मुसीबत में मेरा साथ देना। और यही कारन है की पिता के बाद अगर कोई लड़की किसी के पास सुरक्षित महसूस करती है तो वो है उसका भाई। रक्षा बंधन (Rakshabandhan) काफी नजदीक है, इसीलिए आज के आर्टिकल का टॉपिक है रक्षा बंधन (Rakshabandhan kab hai)?

रक्षा बंधन से जुड़ी जानकारी जैसे की रक्षा बंधन कब मनाई जाती है तथा ऐसी क्या महत्व है इस त्यौहार का जो इतने धूम धाम से मनाया जाता है। ये साड़ी जानकारी हम आज आपको प्रदान करने जा रहें हैं। बस आपसे हम एक ही अनुरोध करतें हैं की कृपया इस आर्टिकल को पुरे अंत तक धयान से पढियेगा जिससे हमारा इतना मेहनत बर्बाद न हो जाए।

Table of Contents

रक्षाबंधन हिंदू धर्म का एक बहुत ही पवित्र त्यौहार है। ये त्योहार भाई और बहन के लिए मनाई जाने वाली त्योहार है। यह त्योहार बहुत ही पुराने जमाने से मनाई जाती है। और हिन्दू धर्म में इससे जुड़े बहुत सारी कहानिया है। शास्त्रों में इसका पूरा उल्लेख है की कैसे रक्षा बंधन का शुरुआत हुआ। कैसे सिर्फ एक धागा एक बाहन को ये विश्वास दिलाता है की उस पर कभी कोई आंच नहीं आएगी जबतक उसका भाई जिन्दा है।

रक्षाबंधन कब से मनाया जाने वाला त्यौहार है – Rakshabandhan kab hai?

रक्षाबंधन कोई 100-200 साल पहले से मनाये जाने वाला त्यौहार नहीं है बल्कि रक्षाबंधन की शुरुआत सतयुग काल में हुई थी। इसका उल्लेख भविष्य पुराण में भी हुआ था। किसी जमाने में देवराज इंद्र एक युद्ध में हार के कगार पर पहुंच गए थे। तब जाकर उनकी बहन ने उनके जीत और सलामती के लिए दुआ मांगते हुए अपने तपो बल और संघर्ष से देव राज इंद्र की बहन इंद्राणी एक रक्षा सूत्र त्यार किए और विजय की कामना करते हुए आपने भाई की कलाई पे बांध दिए तभी से ये त्योहार की शुरुआत हुई और ये पर्व को भाई और बहन का पर्व भी कहा जाता है।

कहा ये भी जाता है की इसी दिन यानि की सावन की पूर्णिमा को द्रौपदी जी ने प्रभि श्री कृष्ण जी के कलाईओ पर रक्षा सूत बंधा था। और जब पांडव जुए में द्रौपदी जी को हार गए और भरी सभा में जब उनका चिर हरण होने लगा तब द्रौपदी जी ने श्री कृष्ण जी को याद किये और अपनी रक्षा के लिए पुकार। तब प्रभु जी ने द्रौपदी जी के चिर हरण को रोका और उनकी रक्षा की। तब से ये त्यौहार एक बहन भाई के अटूट विश्वास को दर्शाता है।

भाई बहन का प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन – Rakshabandhan ka shubh muhurt

Read More Hindi story

रक्षाबंधन किस लिए मनाई जाती है? रक्षाबंधन भाई बहन के अटूट प्रेम तथा विश्वास का प्रतिक है। रक्षाबंधन के दिन भाई को बहन और बहन को भाई, दोनों एक दूसरे को सुरक्षा का वादा करते हैं। और दोनों ही बहन और भाई एक दूसरे के सलामत रहने के लिए के लिए भगवान से दुआ मांगती है। तो वही भाई भी अपने पूरे जीवन काल में आपने बहन की सुरक्षा करता है।

रक्षाबंधन किस महीने के किस दिन में मनाई जाती है – Rakshabandhan ka shubh muhurt

Rakshabandhan ka shubh muhurt: रक्षाबंधन को सावन के महीने के अंतिम दिन (जिसे पूर्णिमा कहते हैं) को मनाई जाती है। और इसी दिन बहन अपने भाई के कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाते हैं। और बहन अपने भाई को मिठाई और कुछ फल खिलाकर उसे पवित्र रिश्ते को सलामती के लिए दुआ करते हैं। रक्षाबंधन बहन और भाई का प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व मुख्य रूप से भाई और बहन के लिए है।

इस साल रक्षाबंधन कब हैRakshabandhan Kab hai

Rakshabandhan Kab hai: इस साल का रक्षाबंधन में बहन को अपने भाई के कलाई पर राखी बांधने के लिए थोड़ा ज्यादा ही इंतजार करना पड़ा। क्योंकि इस साल का सावन 2 महीने का था। इसी कारण से इस साल का रक्षाबंधन भी 2 दिन तक मनाई जा रही है। 30 अगस्त को और 31 अगस्त को यह दोनों दिन रक्षाबंधन के लिए सुबह है पर 31 अगस्त का दिन ज्यादा अच्छा मन जा रहा है। इसलिए ज्यादातर बहने अपने भाई को 31 तारीख को ही राखी बांधेंगी और रक्षाबंधन मनाएंगी।

Rakshabandhan 2023: बहन अपने भाई को किस-किस चीज से स्वागत करती है

Rakshabandhan 2023: रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को सबसे पहले तिलक कार्टिंन हैं। उसके बाद उनके कलाई पर एक सुनहरे रंग का राखी बांधकर आरती करते हुए थोड़ा बहुत मिठाई खिलाकर ये पावन पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाती है। बहन के राखी के बदले में भाई अपने बहन को पैसा या उपहार स्वरूप कोई गिफ्ट प्रदान करता है।

तथा उनसे वादा करता है की उनके हर सुख दुःख में वो उनके साथ रहेगा तथा अगर उन पर कोई मुसीबत आती है तो उस मुसीबत के आगे सबसे पहले वो ढाल बन कटर खड़ा रहेगा। ऐसे ही नहीं एक बहन पुरे संसार में अपने भाई का गन जाती फिरती है। उन्हें भी पता होता है की कोई है जो उनकी हर परेशानियों को समझता है, उनकी हर मुसीबत को झेल सकता है, उन पर कोई आंच नहीं आने देगा।

Rakshabandhan 2023: रक्षाबंधन के लिए क्या-क्या सामग्री की जरूरत पड़ती है

Rakshabandhan 2023: रक्षाबंधन के लिए कोई खास सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती है। पर जो सामग्री की जरूरत पड़ती है वह बहुत ही अनिवार्य सामग्री है। इसके लिए तो सबसे पहले एक थाली होनी चाहिए जिनको आप ढंग से सजा दीये और फिर एक राखी और थोड़ा सा कुमकुम और एक दो टुकड़ा कपूर का और थोड़ी मिठाई होनी चाहिए।

सारे चींजों को आप थाली में ढंग से सजा लीजिये उसके बाद ही आप अपने भाई को राखी बांधियेगा। ऐसा इसीलिए क्योंकि अगर आप किसी भी चीज को भूल जाते है और बिच में उसकी जरुरत पद जाती है तो इससे अशुभ माना जाता है। तो ये थी थोड़ी सी जानकारी रक्षाबंधन से जुडी हुई। आशा करता हूँ आपको हमारा आर्टिकल पसंद आ रहा होगा। अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आ रहा है तो कृपया अपना प्यारा सा कमेंट करना न भूलें।

1 thought on “Rakshabandhan 2023: भाई-बहन का एक अटूट प्रेम पर्व”

Leave a Comment