16 Somvar Vrat Katha: 16 सोमवार व्रत कथा से जुड़े रहस्य

16 Somvar Vrat Katha: 16 सोमवार व्रत कथा के फायदे क्या-क्या है और इसे करने के लाभ क्या है? आप सभी लोगों को पता ही होगा कि 16 सोमवार का व्रत हमारे भगवान भोलेनाथ के लिए किया जाता है। और जो भी लोग इस व्रत को श्रद्धापूर्वक और पावन तरीके से पूजा करते हैं और इस व्रत (Solah Somvar Vrat) को पूरा करतें है उसे बहुत ही लाभ की प्राप्ति होती है।

16 Somvar Vrat Katha: इस व्रत से जुड़े कई तरह के रहस्य हैं तथा इस व्रत को करने के अनेक फायदे हैं। अगर आप अपने जीवन में एक बार भी 16 सोमवार का व्रत करते हैं तो आपको बहुत ही अधिक लाभ की प्राप्ति होगी। और इस व्रत को लड़कियां बहुत ही अधिक संख्या में करती है।

कहा जाता है कि 16 सोमवार व्रत कथा (16 Somvar Vrat Katha) लड़कियों के लिए ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। तो चलिए जानते हैं 16 सोमवार व्रत कथा से जुडी सारी जानकारी। इस व्रत को करने के फायदे क्या क्या हैं और करने के लिए क्या-क्या सामग्री की जरूरी पड़ेगा।

16 Somvar Vrat Katha: 16 सोमवार व्रत कथा में क्या-क्या चीज खाना चाहिए?

16 Somvar Vrat
16 Somvar Vrat

Solah Somvar Vrat Katha: 16 सोमवार व्रत कथा में क्या-क्या खाना चाहिए? यह तो पता ही होगा कि हमारे हिंदू धर्म में पर्व करना बहुत ही कठिन है। इसके लिए कुछ नियम का पालन करना भी जरूरी रहता है। इसी तरह से सोलह सोमवारी व्रत में भी किस चीज का सेवन करें इसका भी एक विशेष उल्लेख है। सोलह सोमवार व्रत में खाने के लिए आपको खोवा-लाई और फलहार रहन होता हैं।

सोलह सोमवार व्रत में खाने का विशेष ध्यान रखें। आप किसी का जूठा खाना नहीं खा सकते हैं। और इस दिन आप लहसुन प्याज का भी सेवन नहीं कर सकते और न ही आपके घर में लहसुन प्याज से जुड़े कोई भी सामान बनना चाहिए। साथ ही आप आचार भी नहीं खा सकते और ना ही आपके घर में कोई आचार खा सकता है।

सोलह सोमवारी व्रत में क्या-क्या चीज नहीं खाना चाहिए – solah somvar vrat katha

Read More Hindi story

solah somvar vrat katha: 16 सोमवारी व्रत में क्या-क्या नहीं खाना चाहिए हमको तो हमने बताया ही है कि हिंदू धर्म में पर्व करने के लिए खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना है तो इसमें आता और नमक को भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए साथ में आलू और चावल का भी सेवन फुल कर भी मत करिएगा सब्जी सूजी बेसन और मसालेदार चीजों का सेवन भूल कर भी ना करें खिचड़ी खाना भी माना है तो यह है 16 सोमवारी व्रत में नहीं खाने वाले सामग्रियों के नाम जो बिल्कुल नही खाना ह

16 सोमवार व्रत के नियम क्या है? 16 Somvar Vrat Vidhi

16 Somvar Vrat Vidhi: 16 सोमवार व्रत के नियम क्या है चलिए यह भी जान लेते हैं। 16 सोमवारी व्रत करना बहुत ही कठिन माना जाता है। इसलिए जो भी व्यक्ति को इस व्रत को करना है वह 16 सोमवार का व्रत का संकल्प लेकर उसे पूरा करें। इसे बीच में छोड़ना नहीं चाहिए नहीं तो व्रत व्यर्थ में चला जाता है। और इसका कोई पुण्य नहीं मिलता और ना ही कोई फायदे होता है।

जो व्यक्ति 16 सोमवारी का व्रत ( 16 Somvar Vrat Katha :) करता है, वह उसी स्थान पर बैठकर प्रसाद का ग्रहण करता है। और पूजा के बीच में उठना भी अशुभ माना जाता है। जो व्यक्ति इस व्रत को करता है, उसे ब्रह्मचर्य का पालन भी करना चाहिए।

साथ ही आपके घरवालों के लिए भी कुछ नियम होता है जो उन्हें पालन करना पड़ता है। जैसे की उन्हें आचार खाना निषेध होता है। साथ ही आपके घर में लहसुन प्याज नहीं बनना चाहिए और न ही कोई आपके परिवार का लहसुन प्याज खाये इस बात का भी ध्यान रखना होता है।

16 सोमवार व्रत विधि – Solah Somvar Vrat Katha

Solah Somvar Vrat Katha: 16 सोमवार व्रत के नियम क्या है? 16 सोमवार व्रत विधि करने के लिए शिवलिंग का अभिषेक करें। तथा जिस जल से शिवलिंग का अभिषेक करें उस जल में शहद दही और दूध मिला लेना चाहिए। हर सोमवार को पूजा एक ही समय पर करना और रखना चाहिए।

अभिषेक करने के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहे। 16 सोमवारी व्रत का प्रसाद पहले दिन ही बना ले। जो पूरे 16 सोमवारी तक इस प्रसाद का ग्रहण करें और भोलेनाथ का भोग लगाएं।

16 सोमवार व्रत विधि के लिए कौन-कौन सामग्री चाहिए – Solah Somvar Vrat Vidhi

16 सोमवार व्रत विधि के लिए कुछ विशेष चीज की ज़रूरतें पड़ती है। वैसे तो भगवान भोलेनाथ पर सब लोग कुछ भी चढ़ा देते हैं फिर भी भगवान भोले खुश हो जाते हैं। पर 16 सोमवारी व्रत के लिए कुछ अलग से चीज चाहिए जो भोले बाबा को अत्यंत प्रिय है। और इन सारी वस्तु अगर उपलब्ध न हो तो 16 सोमवारी व्रत का फायदा नहीं माना जाता है।

16 सोमवार व्रत विधि में शिवलिंग को पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, जनेव, दीप, धतूरा, इत्र, रोड़ी, अश्वगंधा, सफेद वस्त्र, वीरपट, धूप, पुष्प, सफेद चंदन, भांग, भस्म, गन्ने का रस, फल, तथा मिठाई इत्यादि चढ़ाना होता है।

मां पार्वती की 16 सिंगर की सामग्री जिसमें चूड़ी, बिंदु, चुनरी, पायल, बिछिया, मेहंदी, कुमकुम, सिंदूर, काजल, जैसे कुछ विशेष सामग्रियों की जरूरत पड़ती है। और भी कुछ सामान है जो 16 सोमवार व्रत विधि के लिए बहुत ही जरूरी ह।

16 सोमवार व्रत लड़कियां क्यों अधिक करती है? 16 Somvar Vrat Vidhi

16 Somvar Vrat Vidhi: 16 सोमवारी का व्रत लड़कियां अधिक उत्साह और लगन के साथ करती है। इसका एक कारण यह है की लड़कियां अपने लिए भगवान भोलेनाथ की तरह ही एक सुंदर सुशील और गुणवान पति की प्राप्ति के लिए यह 16 सोमवारी का व्रत करती है। तथा अपने पति की दीर्घायु के लिए भी इस व्रत को किया जाता है।

ऐसा हिंदू धर्म में माना जाता है की लड़कियों को 16 सोमवार व्रत रखने से अच्छी पति की प्राप्ति होती है। और जो महिला सावन के सोमवार का व्रत करते हैं उन्हें और अधिक ही अच्छे पति की प्राप्ति होती है। साथ ही उनकी कामना ये भी होती है की उनके परिवार के सारे लोग स्वस्त रहें और उन्हे लम्बी उम्र की प्राप्ति हो। लड़किया इसके लिए भी 16 सोमवारी का व्रत रखतीं हैं।

16 सोमवार व्रत करने के फायदे – 16 Somvar Vrat Vidhi

16 Somvar Vrat Vidhi: अगर आप साल में एक बार 16 सोमवार का व्रत पुरे ध्यान और श्रद्धा पूर्वक से करते हैं तो भगवान भोलेनाथ उस व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करते हैं। और उस व्यक्ति को मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।

इस व्रत को करने से आपके मन में संतुष्टि और शांति की प्राप्ति होती है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उन्हें चंद्रमा से लाभ पाने के लिए 16 सोमवार का व्रत का पालन करना चाहिए। अपने मां-बाप की स्वास्थ्य के लिए भी लोग 16 सोमवार का व्रत करते हैं।

जो व्यक्ति भी 16 सोमवार व्रत करता है और उसे बढ़िया ढंग से पालन करता है, उसमें जो सामग्री की जरुरत होती है वह बढ़िया से भगवान भोलेनाथ को भोग लगता है। तो उसे मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। उस व्यक्ति के मन में जिस तरह के विचार हैं उस सब की प्राप्ति उस व्यक्ति को अवश्य होता है। 16 सोमवार का व्रत एक बार स्वयं गणपति जी ने भी किया था। मां पार्वती ने भी किए थे और भी कई देवी देवता है जो 16 सोमवार का व्रत रख चुके हैं।


kikahani

1 thought on “16 Somvar Vrat Katha: 16 सोमवार व्रत कथा से जुड़े रहस्य”

Leave a Comment